अपने आत्म सम्मान को इतना मत गिराओ किसी अनजान स्त्री के लिए।

 

मत दो प्रपोजल किसी लड़की को प्यार का,यहां कोई किसी से प्यार नहीं करता!सबके स्वार्थ हैं! सबको कुछ न कुछ चाहिए होता है!👉


मत करो प्रपोज और कितना तुम उनके सामने गिरोगे?इतना जान लो कि दुनिया में लोग प्यार भी मतलब से करते हैं,सबके कुछ स्वार्थ होते हैं।तुम जैसे हो,वैसे वह भी है लेकिन यदि तुम उसे प्रपोज कर दोगे तो वह स्वीकार नहीं करेगी क्योंकि सबके बहाने हैं मेरे भाई।लोग सच्चे लड़कों से बचने के लिए घटिया से भी घटिया तर्क देते हैं कि हम प्यार नहीं कर सकते लेकिन बाद में पता चलता है कि वह लड़की किसी धन संपन्न लड़के से प्यार करते पकड़ी जाती हैं जैसे पैसे वाला,गाड़ी वाला, स्टाइलिश,भौतिक संपदा से युक्त,अच्छे कपड़े इत्यादि।लड़की को यह भी पता है कि वह सच्चा लड़का सही है लेकिन अपने स्वार्थ,इच्छा एवं भोग के कारण किसी झूठे को चाहे लेती है,वे इच्छाओं कि दुनिया में बिक चुके है मुर्शद👉


सबके बहाने हैं,तुमसे प्यार ना करने का क्योंकि उसे कोई और चाहिए होता है।यदि तुम उसे यह भी कहोगे कि मुझे तुम्हारे शरीर से प्यार नहीं है!मरते दम तक touch नहीं करूंगा!मजाल है कि वह मान जाए,वह नहीं मानेगी फिर भी।हां उन लोग प्यार के डायलॉग तथा तर्क तो अच्छा देती है लेकिन यह सब बातें जानने और अपनाने की औकात नहीं उनकी।तुम उसे बोल भी दोगे कि मैं तुम्हें ऐसे रखूंगा और वह तुमसे यह भी कहेगी कि तुम तो अच्छे हो,कर दो प्रपोज उसे फिर,मजाल है कि वह मान जाए,नहीं मानेगी सबका अपना स्वार्थ,एवं बहाना है दरअसल उन्हें कोई और चाहिए होता है।मत ढूंढो प्रेम,खुद से कर लो।अरे जालिम यहां पैसे,स्टाइलिश,अच्छी शक्ल,सेटलमेंट,अच्छे बाल,अच्छे घर,अच्छे बदन के आधार पर बोलियां एवं प्रेम लगता है।तुम यहां मत भटको,नहीं तो मारे जाओगे👉


मैं जानता हूं कि तुम शक्ल,बाल,ज्ञान,विचार,गुण एवं व्यवहार से अच्छे हो,शरीर से प्यार नहीं करते लेकिन ये लोग नहीं मानते।इन लड़कियों का ईमान बिक चुका है,ये होते कुछ और तथा दिखाते कुछ और हैं।यह प्यार वाली शायरियां,किताबें,हृदय वाली यह सब रट्टू बाजी बातें केवल वही तक अच्छी लगती है,उसे वही रहने दो,वह कल्पना में ही ठीक लगती है।कल्पना वाली सच्ची बातों को अपनाने की औकात नहीं किसी की।यह बातें सभी लड़कियों के लिए नहीं है।मैं मानता हूं तुम उसे अच्छा खिला,पिला सकते हो,अच्छे कपड़े,मान सम्मान,खुशी,केयर दे सकते हो लेकीन वो नही मानेगी मुर्शद।यह बात लड़कों पर भी लागू होती है।

तुम सबक दे गयी सबको ।


 किसने डा़ली थी तुममें,

मार खाने की आदत,

जो तुम उससे मार खाती गयी,

उसके हौसले बढ़ाती गयी।


समझ में नहीं आता ,

दकियानुसी बातों से तुम ऊपर थी,

प्रगतिशील थे तुम्हारे विचार,

फिर क्यों तुम उसके साथ निभाती गयी,

उसके हौसले बढ़ाती गयी।


पढ़ाई तुम्हारी पूरी थी,

कमाना भी जानती थी,

अपने पैरों पर खड़ी थी तुम,

फिर नशेड़ी का नशा क्यों,

अपने उपर चढ़ाती गयी,

उसके हौसले बढ़ाती गयी।


अच्छे दोस्त थे तुम्हारे,

थे मुसीबतों के सहारे,

माना पिता को 

गलत हुआ निर्णय,

यह बताने में झिझकी तुम,

पर दोस्तों से भी तो छुपाती गयी,

उसके हौसले बढ़ाती गयी।


तुम गलत नहीं थी,

ऊपर वाला करेगा इंसाफ ,


पर तुम सबक दे गयी सबको,

माता पिता से गलत होती है गुस्ताखी,

उनके लिए रखना मन साफ,

तुम उनसे दूरियां बनाती गयी,

दरिंदे का हौसला बढ़ाती गयी।

-copied

क्या हम सच में आज़ाद हुए हैं ? क्या हम अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं ?


हमारे देश को आज़ाद हुए 75 वर्ष हो गए है लेकिन आज भी हम गुलाम ही है ,  भले ही आपको बुरा लगे लेकिन ये ही सच्चाई है , मैं कुछ ऐसा उदहारण दूंगा जिसे आप नकार नहीं सकते और आपको भी ये सच स्वीकार करना पड़ेगा की भले ही हम आज़ाद हो गए है लेकिन हमारे सोच हमारे विचार धारा पर हमारे पहनावे पर आज भी उनका ही कब्ज़ा है !

आप सभी जानते हैं की हमारे धर्म में दीपावली क्यों मनाते हैं और कितनी श्रधा से मनाते हैं , ऐसे ऐसे त्यौहार ही हैं जो लोगों के बिच आस्था और प्यार बनाये रखते हैं , वरना कुछ लोगों ने तो पूरी कोशिश कर ली थी हमारे सनातन धर्म को झूठा साबित करने की ! लोग आज भी ये कोशिश किये जा रहे हैं , और हम क्या करते हैं दीपावली के दिन मिठाई के नाम पर कैडबरी जैसे डब्बों को बढ़ावा देते हैं ;

बूंदी , खीर , आम रस , कलाकंद , रसगुल्ला , रसमलाई , मावा बर्फी , गुलाब जामुन , काजू कतली , गाजर का हलवा , कई तरह के पेडे , कई तरह की गज़क , हलवा , मिश्रीखंड , इससे भी अधिक और स्वादिष्ट मिठाई बनाने वाले देश में हम लोग "कुछ मीठा हो जाए के नाम पर केवल चॉकलेट "? विचार करने वाली बात है ध्यान दे !!!

कभी सुना है इस ईद सेवइयों से नहीं चॉकलेट से मुंह मीठा कीजिए ?

कभी सुना है इस क्रिसमस केक नहीं कैडबरी खाइए ?

यह कैडबरी वाले सिर्फ दिवाली, रक्षाबंधन और होली पर ही क्यों एक्टिवेट होते हैं ??

सोचने वाली बात है ना?....सोचिएगा अवश्य !!!


🙏🏻🙏🏻